$sp^{2}$ संकरण क्या है? इसकी विशेषताएँ बताइए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) परिभाषा: एक परमाणु की समान ऊर्जा वाली एक $ns$ कक्षक और दो $np$ कक्षकों के मिश्रण से तीन समान ऊर्जा और आकार वाली नई कक्षकों के बनने की प्रक्रिया को $sp^{2}$ संकरण कहते हैं। इस प्रकार बनी कक्षकों को $sp^{2}$ संकरित कक्षक कहा जाता है।
विशेषताएँ:
$1$. प्रत्येक $sp^{2}$ संकरित कक्षक में $33.3\%$ $s$-लक्षण और $66.6\%$ $p$-लक्षण होता है।
$2$. तीनों $sp^{2}$ संकरित कक्षक प्रतिकर्षण को कम करने के लिए एक-दूसरे से $120^{\circ}$ के कोण पर व्यवस्थित होते हैं,जिससे त्रिकोणीय समतलीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$3$. प्रत्येक $sp^{2}$ संकरित कक्षक में एक बड़ा धनात्मक लोब और एक छोटा ऋणात्मक लोब होता है।
$4$. ये संकरित कक्षक अन्य परमाणु की $s$,$p$ या संकरित कक्षकों के साथ अतिव्यापन करके $\sigma$ बंध बनाते हैं।
$5$. इस प्रकार बने तीनों $\sigma$ बंध एक ही तल में $120^{\circ}$ के कोण पर व्यवस्थित होते हैं।

Explore More

Similar Questions

निम्नलिखित में से कौन सा अणु,संकरण और आकार के संबंध में सही सेट है?

$sp$ कक्षकों द्वारा बंध निर्माण की व्याख्या कीजिए।

$BeF_2$ अणु में $Be$ का संकरण (hybridisation) क्या है?

वह स्पीशीज जिसमें केंद्रीय परमाणु अपने आबंधन में $sp^2$ संकरित कक्षकों का उपयोग करता है,वह है

$sp^3$ संकरण अणु की किस आकृति की ओर ले जाता है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo